भोपाल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा अवसर पहली बार आया है जब पूरी दुनिया भारत के लिए अच्छी संभावनाएं से देख रही है। सभी को भारत से बहुत आशाएं हैं। पिछले कुछ हफ्तों में जो विचार आएं है वो भारत में हर निवेशक के लिए उत्साहवर्धक हैं। यूएन की एक संस्था ने भारत को सोलर पॉवर की सुपरपॉवर कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला राज्य है और इस प्रदेश में निवेश का यह बेहतर अवसर है।
सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, उद्योगपति गौतम अडानी, आचार्य बालकृष्ण सहित अनेक उद्योगपति, प्रदेश के मंत्री-सांसद, विधायक मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि 10वीं-12वीं की परीक्षा के कारण यहां आने में देरी हुई, इसके लिए क्षमा चाहता हूं। बच्चों की असुविधा को देखते हुए मैंने अपना कार्यक्रम बदला। प्रधानमंत्री ने कहा- भारत का आत्मविश्वास बढ़ रहा है तो राज्यों का भी आत्मविश्वास बढ़ रहा है। जनसंख्या के हिसाब से मध्य प्रदेश भारत का पांचवां बड़़ा राज्य है। कृषि और माइनिंग के हिसाब से भी मध्य प्रदेश बड़ा राज्य है। एमपी में बहुत संभावनाएं हैं। ये एमपी को देश के पांच बढ़े राज्यों ला सकता है। एमपी ने 20 सालों में बड़ा परिवर्तन देखा है। पहले लोग निवेश करने से डरते थे। एमपी ने अब निवेश के मामलों बड़ा स्थान बना लिया है। एमपी आज ईवी के लीडिंग स्टेट में से एक है। एमपी में दो लाख ईवी वाहन पंजीकृत हो गए हैं, जो बड़ी बात है। एमपी निवेश के लिए बड़ा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।
एमपी-मुंबई से जुड़ रहा
श्री मोदी ने कहा- एमपी को बड़ा फायदा मिला है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस का बड़ा हिस्सा एमपी से होकर गुजरता है। एमपी मुंबई से जुड़ रहा है। पांच हजार किलोमीटर का सडक़ नेटवर्क बन चुका है। लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के कारण एमपी आगे बढ़ रहा है। एमपी में रेल नेटवर्क का 100 फीसदी इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है। हवाई नेटवर्क भी यहां सुधारा गया है। यहां की कमलापति स्टेशन को भी मार्डन बनाया गया है। एनर्जी सेक्टर के बूम का एमपी को लाभ मिला है। एमपी पॉवर सरप्लस है। यहां 31 हजार मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। इसमें से 30 फीसदी क्लीन एनर्जी है।
ईवी क्रांति के लीडिंग स्टेट में शामिल
मध्य प्रदेश आज देश की ईवी क्रांति के लीडिंग स्टेट में से एक है। जनवरी 2025 तक करीब दो लाख ईवी एमपी में रजिस्टर्ड हुए। एमपी आज मैन्युफैक्चरिंग के नए सेक्टर्स के लिए भी शानदार डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। एमपी के रेल नेटवर्क को भी मॉर्डनाइज किया जा रहा है। भोपाल का रानी कमलापति रेलवे स्टेशन सभी का मन मोह लेता है। एमपी के 80 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्कीम के तहत मॉर्डन बनाया जा रहा है।
एमपी ने ट्रांसफॉर्मेशन का नया दौर देखा है
मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश पॉपुलेशन के हिसाब से भारत का पांचवां बड़ा राज्य है। एग्रीकल्चर के मामले में भारत के टॉप के राज्यों में है। मिनरल के हिसाब से भी टॉप 5 राज्यों में है। एमपी को जीवनदायनी मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त है। एमपी में हर वो संभावना है जो इसे जीत के टॉप 5 राज्यों में ला सकता है। बीते दो दशकों में एमपी ने ट्रांसफॉर्मेशन का नया दौर देखा है।
बीना रिफाइनरी में 50 हजार करोड़ का निवेश
बीना रिफाइनरी में 50 हजार करोड़ का निवेश हुआ है। ये एमपी को पेट्रो केमिकल का हब बनाने में मदद करेगा। एमपी में 300 से ज्यादा इंडस्ट्रियल जोन हैं। पीथमपुर, देवास रतलाम में इंवेस्टर जोन बनाए जा रहे हैं। सभी निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न की अपार संभावनाएं हैं।
प्रदेश सरकार विकास में लगातार आगे बढ़ रही: मोहन यादव
समिट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल देश की स्वच्छतम राजधानियों में से एक है। यहां आप सभी का स्वागत है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास में लगातार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सतत विकास और औद्योगिक निवेश की दिशा में नए कदम बढ़ाऐ जा रहे है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की थीम अनंत संभावनाएँ है, जो प्रदेश में उद्योग और निवेश की असीमित संभावनाओं को दर्शाती है। अनंत संभावनाएँ केवल एक विचार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में अवसरों की व्यापकता को दर्शाने वाला दृष्टिकोण है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास का मंत्र दिया, जिसमें यह संदेश समाहित है कि जब संभावनाओं के अनंत आकाश में हम साथ मिलकर आशा की ज्योत जलाते हैं, तो एक नहीं, बल्कि सभी के आंगन रोशन होते हैं, और यही हमारी सनातन संस्कृति है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प समस्त भारतवासियों ने लिया है, हमारा लक्ष्य देश को 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। विकसित भारत के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विकसित मध्यप्रदेश समस्त प्रदेशवासियों के साथ महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी अनुक्रम में राज्य सरकार अगले 5 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। सीएम ने कहा कि भविष्य में निवेश की बड़ी संभावनाओं के साथ प्रदेश सरकार केंद्र के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। पर्यटन के सेक्टर में यहां का ईको सिस्टम भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
जीएसडीपी में सर्वाधिक वार्षिक विकास दर वाला राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में मध्यप्रदेश बड़े राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वार्षिक विकास दर वाला राज्य है। पिछले 12 वर्षों में मध्यप्रदेश का सकल घरेलु उत्पाद लगभग 4 गुना हुआ है। मेगा फुटवेयर क्लस्टर (मुरैना), नवकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण (मोहासा-बावई) और पीएम मित्रा पार्क (धार) सहित कई बड़े प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। विक्रम उद्योगपुरी (उज्जैन) में मेडिकल डिवाइसेस पार्क तथा 06 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास हो रहा है। प्रदेश में 300 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र हैं। आगामी वर्ष में 13 नए औद्योगिक पार्क पूर्ण होंगे, जबकि 20 और औद्योगिक पार्कों की आधारशिला राखी जाएगी। राज्य में प्लग एंड प्ले सेंटर, सेमीकंडक्टर पार्क एवं नवीन आईटी पार्क स्थापित किए जा रहे हैं, इससे प्रदेश में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। बड़े से बड़ा और छोटे से छोटा निवेशक भी हमारे लिए अतिथि है। सभी के लिए प्रदेश में अनंत संभावनाएं हैं। इन अनंत संभावनाओं को विकास में फलीभूत करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
आज से विश्व में भोपाल की नई पहचान बनेगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोपाल की पहचान गैस त्रासदी से होती थी। आज के बाद भोपाल ग्लोबल रूप से नई पहचान बनाने जा रहा है। मध्य प्रदेश में संपदा भरपूर है। भोपाल देश की स्वच्छ राजधानियों में से औद्योगिक विकास आए हैं। हमने पांच वर्ष में अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।